जिला पंचायत चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया

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जिला पंचायत चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पार्टी की घेराबंदी ने विरोधियों को चारों खाने चित कर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अलावा सभी छह ब्लाक प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया है।नाम वापसी के आखिरी दिन नारसन क्षेत्र पंचायत में ज्येष्ठ उप प्रमुख को छोड़ सभी पदों पर एक-एक भाजपा समर्थित प्रत्याशी होने के चलते जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अलावा ब्लाक प्रमुख, ज्येष्ठ और कनिष्ठ उप प्रमुख पदों के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।नारसन ब्लाक के ज्येष्ठ उप प्रमुख पद को छोड़ सभी पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी विनय शंकर पांडेय ने मंगलवार शाम जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ किरण चौधरी और उपाध्यक्ष अमित चौहान समेत निर्वाचित प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिए।निर्विरोध निर्वाचित होने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ किरण चौधरी, उपाध्यक्ष अमित चौहान के अलावा ब्लाक प्रमुखों में रुड़की ब्लाक से राव लुबना, लक्सर से डा. हर्ष कुमार, खानपुर से नीतीश कुमार, भगवानपुर से करुणा कर्णवाल, बहादराबाद से आशा नेगी और नारसन से कोमल देवी शामिल रहीं। वहीं, रुड़की ब्लाक से ज्येष्ठ उप प्रमुख पद पर मीना सैनी और कनिष्ठ उप प्रमुख पर दिलीप निर्वाचित हुए।नारसन ब्लाक में ज्येष्ठ उप प्रमुख पद पर भाजपा समर्थित विक्रांत राठी और निर्दल प्रत्याशी राहुल राठी के होने से इस पद के लिए 13 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। हालांकि कनिष्ठ उप प्रमुख पद पर भाजपा समर्थित डाली निर्विरोध निर्वाचित हुई।लक्सर ज्येष्ठ और कनिष्ठ उप प्रमुख पद पर क्रमश: रवींद्र कुमार और फरमान निर्वाचित हुए। इसके अलावा, खानपुर ब्लाक से ज्येष्ठ और कनिष्ठ उप प्रमुख पद पर क्रमश: नूपुर और वैशाली, भगवानपुर ब्लाक से ज्येष्ठ उप प्रमुख पद पर आयुषि राकेश और कनिष्ठ उप प्रमुख पद पर प्रमोद कुमार, बहादराबाद ब्लाक से उधम सिंह और धर्मेद्र कुमार निर्वाचित हुए।

मिशन-2024 से पहले हरिद्वार जिले ने भाजपा को खिलखिलाने का अवसर दे दिया। सात माह पहले हरिद्वार में विधानसभा चुनाव में खट्टे अनुभव से गुजरने के बाद भाजपा ने जबर्दस्त वापसी करते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। वहां पहली बार जिला पंचायत से लेकर सभी छह क्षेत्र पंचायतों में भाजपा ने परचम लहराकर विरोधियों को चारों खाने चित कर दिया।पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा ने कुशल रणनीति और एकजुटता से ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस अवसर पर पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल के अलावा भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्त्ता और निर्वाचित प्रत्याशियों के समर्थक मौजूद रहे।उसकी रणनीति का विपक्षी दल कोई तोड़ नहीं निकाल पाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूसरी पारी में यह पहला बड़ा चुनाव था, जिसमें भाजपा ने जोरदार सफलता हासिल की। इससे उत्साहित भाजपा का कहना है कि हरिद्वार के जनादेश का साफ संदेश यही है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य में पार्टी हैट्रिक बनाने जा रही है।वर्ष 2019 में उसने लोकसभा की सभी सीटों पर कब्जा बरकरार रखा, जबकि इस वर्ष विधानसभा चुनाव में उसने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। विधानसभा चुनाव में पार्टी यह मिथक तोडऩे में सफल रही कि राज्य में हर पांच साल में सत्ताधारी दल बदल जाता है। यद्यपि, इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली, जो पिछली बार के मुकाबले 10 कम रही।उत्तराखंड में भाजपा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक के सभी चुनावों में अजेय बनी हुई है। वर्ष 2014 में उसने राज्य में लोकसभा की पांचों सीटें जीती तो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया।राज्य के जिन जिलों में भाजपा आशानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई, उनमें हरिद्वार भी शामिल है। यहां विधानसभा की 11 सीटों में से भाजपा केवल तीन में ही जीत हासिल कर पाई, जबकि पिछली बार उसके पास आठ सीटें थीं। यही नहीं, हरिद्वार के त्रिस्तरीय पंचायतों में तो वह अपना बोर्ड बनाने के लिए तरसती आ रही थी।पार्टी ने इसे चुनौती के रूप में लिया और विधानसभा चुनाव में मिली कड़वाहट को पंचायत चुनाव के माध्यम से दूर करने की रणनीति अपनाई। पार्टी की मेहनत रंग लाई और पहली बार हरिद्वार जिला पंचायत में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष और सभी ब्लाकों में प्रमुख, ज्येष्ठ व कनिष्ठ उपप्रमुख पदों पर जीत हासिल की।असल में, पार्टी ने मिशन-2024 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश संगठन में बदलाव किया था। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कौशल की परीक्षा इस चुनाव में होनी थी, जिसमें वे सफल रहे हैं।भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बने हरिद्वार पंचायत चुनाव के माध्यम से पार्टी इस जिले में मिशन-2024 की तैयारियों को भी परखना चाहती थी। चुनाव के परिणाम आने और बाद में जिस तरह से निर्दलीय नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने भाजपा के प्रति भरोसा जताया, उससे पार्टी खासी उत्साहित है।हरिद्वार के पंचायत चुनावों में मिली ऐतिहासिक जीत इस बात का द्योतक है कि आगामी निकाय और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की एकतरफा जीत तय है। हरिद्वार की जीत नई ऊर्जा देने वाली है। प्रत्येक कार्यकत्र्ता उत्साहित है। हरिद्वार की जनता का दिल से आभार।

समर्थ भारत न्यूज़
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