राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,बजरंग दल तथा पतंजलि योग पीठ से जुड़े होने के बावजूद गत तीस वर्षों से मुकद्दस रमजान महीने में “सद्भावना रोजा” रखते चले आ रहे हैं

रुड़की।देश में जहां कुछ लोग धार्मिक नफरत फैलाकर समाज को बांटने की असफल कोशिश करने में लगे हुए हैं,वहीं कुछ ऐसे देशभक्त व्यक्ति भी हैं,जो सभी धर्मों की भावनाओं का आदर कर सद्भाव की मिसाल पेश करते हैं,उनमें एक नाम रुड़की निवासी आरके शर्मा राही का भी है,जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,बजरंग दल तथा पतंजलि योग पीठ से जुड़े होने के बावजूद गत तीस वर्षों से मुकद्दस रमजान महीने में “सद्भावना रोजा” रखते चले आ रहे हैं।आर के शर्मा राही का कहना है की राष्ट्रीय एकता व सद्भावना की प्रेरणा उन्हें अपने गुरु अंतर्राष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी से मिली है,जिनके सानिध्य में वे चालीस वर्ष पूर्व आए थे।राही का कहना है कि अफजल मंगलौरी सभी धर्मों का सम्मान करने के साथ-साथ उनके उत्सवों को एक सद्भावना पर्व के रूप में भी मनाते हैं।उन्हीं की प्रेरणा से निरंतर तीस वर्षों से वे रमजान के मुकद्दस महीने में एक सद्भावना रोजा अवश्य रखते हैं।उन्होंने बताया सुबह तीन बजे उठकर सेहरी (अल्प-भोजन) खाई।उसके बाद उन्होंने ईश्वर का ध्यान किया और देश में एकता,शांति-अमन की दुआ मांगी।शाम को सभी रोजेदारों के साथ रोजा इफ्तार करेंगे।आरके शर्मा राही के गुरु भाई पत्रकार व समाजसेवी इमरान देशभक्त ने बताया की लगातार तीस वर्षों से वे राही के इस पुनीत कार्य को देख रहे हैं और हर वर्ष उनके साथ रोजा इफ्तार करते हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का हमें सम्मान और सत्कार करना चाहिए,जो समाज को जोड़ने का काम करते हैं।इमरान देशभक्त जो कि भाजपा से भी जुड़े हैं का कहना है कि लोग भाजपा को बदनाम करते है।उन्होंने कहा कि गत दिवस लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने मंत्री बृजेश पाठक ने एक जलसे के दौरान अजान होने पर अपने भाषण को रोक दिया तथा अजान के बाद अपने भाषण को शुरू किया,इससे यही पैगाम जाता है कि भाजपा सभी धर्मों का सम्मान आदर करती है,जबकि अन्य पार्टियों से बदनाम करने की कोशिश करती है।

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