शिक्षक दिवस 5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है?

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शिक्षक दिवस क्या है?: हमारे जीवन में शिक्षकों को सबसे महत्वपूर्ण रोल है, क्योंकि वे हमें न सिर्फ किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि वे प्रैक्टिकली आने वाली चुनौतियों के लिए हमें जागरूक और तैयार भी करते हैं। देखा जाए तो हर वह इंसान शिक्षक है जिससे आप नैतिक चीजें सीखने को पाते हैं। घर में मां बाप या बड़ा भाई बहन या कोई अन्य, स्कूल में टीचर, कॉलेज में प्रोफेसर यहां तक कि आप अपने सहपाठी या कलीग से भी आए दिन सीखने को पाते हैं, यह सभी शिक्षण का हिस्सा है। यह सीखने समझने की कला हजारों साल से चली आ रही है, ऐसे में हम हमेशा से शिक्षण या शिक्षक के आसपास रहे हैं।शिक्षकों द्वारा दिए गए उचित ज्ञान को याद करने, उन्हें धन्यवाद कहने, उनकी सराहने करने के लिए इस विशेष दिन को चुना गया।

शिक्षक दिवस 5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है?

हम जानते हैं कि भारत में शिक्षक दिवस को हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस तारीख के पीछे विशेष कारण है, इस दिन सन् 1888 को स्वतंत्र भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। वे दूसरे राष्ट्रपति होने के अलावा पहले उपराष्ट्रपति, एक दार्शनिक, प्रसिद्ध विद्वान, भारत रत्न प्राप्तकर्ता, भारतीय संस्कृति के संवाहक, शिक्षाविद और हिन्दू विचारक थे।उनका हमेशा से मानना था कि शिक्षा के प्रति सभी को समर्पित रहना चाहिए, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बनी रहनी चाहिए, जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और कौशल दोनों हैं उसके सामने हमेशा कोई न कोई मार्ग खुला रहता है।

इस दिन कौन-सा काम जरूर करना चाहिए?

वैसे तो इस दिन स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालय में तरह तरह के प्रोग्राम होते हैं, शिक्षकों का सम्मान किया जाता है, लेकिन देखा जाए तो बतौर विद्यार्थी या बतौर कर्मचारी इस दिन हमें एक जरूरी काम करना चाहिए- और वह है अपने शिक्षक से संपर्क करना चाहिए, उन्हें धन्यवाद या शुक्रिया अदा करना चाहिए, क्यों आज आप जिस मुकाम पर भी हैं, उसमें उनकी विशेष व बड़ी भूमिका रही है।

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