जिस तरह घर में बच्चे के जन्म के बाद छठी पूजी जाती है, ब्ल्किुल उसी तरह भगवान कृष्ण की भी छठी की जाती है, जिसे कृष्ण छठी कहते हैं.

हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बेहद ही खास होता है और इसे हाल ही में पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया गया. जन्माष्टमी की तरह ही कृष्ण छठी का भी विशेष महत्व होता है. जिस तरह घर में किसी बच्चे के जन्म के बाद उसकी छठी पूजी जाती है, बिल्कुल उसी तरह जन्माष्टमी के छठे दिन कृष्ण छठी मनाई जाती है. उसी क्रम में पंचशील काली माता मंदिर में भगवान श्री कृष्ण छठी उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। छठी उत्सव महिला संगीत ,भजन, कीर्तन के साथ मनाया गया। पंचशील मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य ओम जी वैदिक ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी के छठे दिन छठी उत्सव का आयोजन किया जाता है। जन्माष्टमी की तरह छठी उत्सव भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है । उन्होंने बताया कि मंदिर में महिला मंडली द्वारा भजन कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है साथ ही छठी उत्सव पर संजय करनवाल द्वारा प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रखा गया है।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में हर शनिवार को भक्तजनों के सहयोग से सुंदरकांड का आयोजन भी बड़ी धूमधाम से किया जाता है। इस दौरान महिला मंडली में सारिका, नीतू, आरती ,पूजा, भारती, अमिता आदि तथा मंदिर समिति से प्रकाश चंद ध्यानी, प्रवीण गर्ग ,नितिन शर्मा ,आदेश सैनी संजय कश्यप , सतपाल सैनी आदि लोग मौजूद रहे।

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