आल इंडिया सूफी संत परिषद के राष्ट्रीय सचिव व अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी ने भाजपा हाईकमान द्वारा पार्टी प्रवक्ता नूपुर शर्मा व मीडिया प्रभारी नवीन जिंदल को पार्टी से निष्कासित किये जाने का स्वागत किया

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रुड़की।आल इंडिया सूफी संत परिषद के राष्ट्रीय सचिव व अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी ने भाजपा हाईकमान द्वारा पार्टी प्रवक्ता नूपुर शर्मा व मीडिया प्रभारी नवीन जिंदल को पार्टी से निष्कासित किये जाने का स्वागत किया।उन्होंने कहा कि भाजपा ने दोनों नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर ये संदेश दिया है कि भाजपा वास्तव में सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धर्म के खिलाफ अपमानजनक व आपत्तिजनक प्रचार करने वालों के खिलाफ राष्ट्रहित में कार्यवाही करने में गुरेज भी नहीं करती।शायर अफजल मंगलौरी ने नूपुर शर्मा के आपत्तिजनक बयान को लेकर वरिष्ठ पार्टी नेताओं उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जय जाने की मांग की थी।इस कदम का सभी मुस्लिम धर्मावलंबियों को भी स्वागत करना चाहिये।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास को साकार करते हुए नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल जैसे नफरत फैलाने वाले नेताओं को ये स्पष्ट सन्देश दिया कि राष्ट्रहित व सर्वधर्म सम्भाव की भावना भारत के संविधान की आत्मा है।उन्होंने कहा कि हर वर्ग में आजकल कुछ छुट भैय्या किस्म के स्वंयम्भू नेता केवल ओछी पब्लिसिटी मात्र के लिए धर्म,मानवता, संविधान और सामाजिक मूल्यों को त्याग कर सोशल मीडिया के सहारे समाज में जहर और नफरत घोलते रहे हैं जिसको हिदुओं और मुसलमानों को आगे आकर रोकना होगा।सूफ़ी संत परिषद के सचिव अफजल मंगलौरी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरचालक मोहन भागवत दवारा विगत दिवस नागपुर में दिये गये बयान का भी स्वागत किया,जिसमें उन्होंने देश के हिंदुओं और मुसलमानों को मन्दिर-मस्जिद के वर्तमान विवादों को छोड़ कर भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में शान्ति और आपसी सौहार्द के जरिए अपना योगदान देना चाहिए।मंगलौरी ने संघ प्रमुख भागवत के उस बयान को भी सराहा,जिसमें उन्होंने पूर्व में हुई ऐतिहासिक गलतियों को मिल बैठ कर समाधान की बात कही।मंगलौरी ने कहा कि मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों को भागवत के बयान पर सकारात्मक रूप से विचार कर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए और मुस्लिम समाज सभी संवेदनशील मुद्दों पर सहमति का वातावरण बनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि संघ सरचालक का बयान देश की नई राजनीति की शुरुआत करने वाला एक अहम् कदम है,जिस पर मुस्लिम रहनुमाओं को भी आगे आकर देश में बढ़ रही हिन्दू-मुस्लिम कटुता को मिटाने का योगदान देना चाहिए।

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