सीवर में मृत युवाओं की माताओ को 12 वर्षों बाद मिला मुआवजा**

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*सीवर में मृत युवाओं की माताओ को 12 वर्षों बाद मिला मुआवजा**

 

सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ बेज़वाड़ा विल्सन जी के सशक्त मार्गदर्शन में 2003 में दायर याचिका (583) सफाई कर्मचारी आंदोलन बनाम भारत सरकार पर माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा एक ऐतिहासिक निर्णय दिया था, जिसमे 1993 के अब तक सीवर की 

सीवर/सेप्टिक टैंको की सफ़ाई के दौरान म्रत कर्मियों के आश्रितों को दस लाख का मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित किया गया था।

 रामनगर रुड़की में अम्बर तालाब निवासी दो युवकों की मृत्यु 16अप्रेल2010 को हो गयी थी ,

सफाई कर्मचारी आंदोलन के प्रदेश संयोजक अमर भेनवाल ने बताया कि आंदोलन के आठ वर्षो के अथक प्रयासों से 10 वर्षो बाद FIR दर्ज होने पर आज 12 वर्ष बाद मृतकों के आश्रितों को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मुआवजा उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा आमंत्रित

नगर विधायक माननीय प्रदीप बत्रा जी द्वारा म्रतक स्व0 विकास और स्व0 राकेश की माताओ

श्रीमती विमला देवी और श्रीमती लीलवती जी को दस -दस लाख रुपये के चेक द्वारा दिया गया।और दोनों माताओं को सांत्वना दी।

कार्यक्रम में उत्तराखंड जल संस्थान, रुड़की के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जी व सहायक अभियंता श्री जुनैद जी ने सबका धन्यवाद दिया।

सभी ने सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का आभार प्रकट करते हुए आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक बेज़वाड़ा विल्सन जी को धन्यवाद दिया।।

ब्रिजेश गहलोत

कार्यकर्त्ता

सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन,

उत्तराखंड

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