बिशंबर सहाय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ,रुड़की* मैं अपने संस्थापक चेयरमैन *स्वर्गीय पंडित रूप चंद शर्मा* जी की *12 वीं पुण्यतिथि* पर *इंपैक्ट ऑफ रसिया एंड यूक्रेन क्राइसिस इन इंडिया* विषय पर वैबनार का आयोजन संस्थान परिसर में आयोजित किया गया।

आज *बिशंबर सहाय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ,रुड़की* मैं अपने संस्थापक चेयरमैन *स्वर्गीय पंडित रूप चंद शर्मा* जी की *12 वीं पुण्यतिथि* पर *इंपैक्ट ऑफ रसिया एंड यूक्रेन क्राइसिस इन इंडिया* विषय पर वैबनार का आयोजन संस्थान परिसर में आयोजित किया गया।

सब प्रथम कार्यक्रम में स्वर्गीय पंडित रूप चंद शर्मा जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम कि विधिवत रूप से शुरुआत की।

 

 

इस अवसर पर संस्थान के सचिव चंद्र भूषण शर्मा जी ने कहा कि स्वर्गीय पंडित रूप चंद शर्मा जी का हमेशा एक ही प्रयास रहता था कि हमारी रुड़की नगर व उसके आसपास के नवयुवक शिक्षा से वंचित ना रह जाए उसके लिए हमेशा कार्यरत रहते थे के रुड़की क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो और यहां के बालक बालिका शिक्षा ग्रहण कर सकें।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ पी पी ध्यानी जी कुलपति वी एम एस ब उत्तराखंड तकनीकी विद्यालय एवं श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय रहे। जिन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि मैं संस्थान को काफी वर्षों से जानता हूं,और उनके संस्थान द्वारा छात्र छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए किए गए कार्यों को जब मैं देखता हूं तो यह प्रतीत होता है कि पंडित रूप चंद शर्मा जी एक महान व्यक्तित्व के व्यक्ति रहे होंगे।तभी उनकी प्रेरणा से यह सब कार्य उनके द्वारा शुरू किए गए शिक्षण संस्थानों में हो रहे हैं।

इस अवसर पर संस्थान की कोषाध्यक्ष सौरव भूषण शर्मा जी ने कहा कि स्वर्गीय पंडित रूपचंद शर्मा जी ने रुड़की नगर में कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की या उन्हें स्थापित करने में अपना योगदान दिया रुड़की नगर की कई मुख्य शिक्षण संस्थान जैसे B.s.m. शिक्षण संस्थान, एस डी गर्ल्स शिक्षण संस्थान, एवं बिशंबर सहाय शिक्षण संस्थान जैसे महान शिक्षा के मंदिरों की स्थापना की उनका यही प्रयास रहता था के हम इस धरा पर जब आए हैं तो हमें अपने लिए नहीं अपितु दूसरे के लिए जीना चाहिए।

इस अवसर पर मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव भूषण शर्मा जी ने कहा कि हमारे संस्थान को अपने संस्थापक चेयरमैन पंडित रूप चंद शर्मा जी की पुण्यतिथि आयोजित करते हुए आज 12 वर्ष हो चुके हैं और इन 12 वर्षों में हमने सेमिनार व वमीनार के माध्यम से समाज में उत्पन्न हो रही समस्याओं से निजात के लिए बड़े-बड़े शिक्षाविदों के व्याख्यान के माध्यम से समाज को नई दिशा देने में सहयोग किया है।

इस अवसर पर डॉ आर के सिंह वाइस चांसलर पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी पटना ने संस्थान के द्वारा कार्यक्रम के आयोजन पर शुभकामनाएं प्रेषित की व आयोजक मंडल को कार्यक्रम के लिए बधाई दी।

डॉक्टर यू एस रावत जी वाइस चांसलर श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी देहरादून ने कहा की संस्थान के द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों से शिक्षार्थियों में वर्तमान परिस्थिति को समझने की समाज विकसित होती है और कार्यक्रम के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।

इस अवसर पर डॉ अमित अग्रवाल डायरेक्टर एपीजे अब्दुल कलाम यूनिवर्सिटी ने कहा की विश्व में युद्ध कहीं भी हो उसका असर अन्य देशों पर अवश्य पड़ता है क्योंकि आज पूरा विश्व मुक्त व्यापार के साथ जुड़ा है और देश में किसी भी प्रकार के कार्य व्यापार से जुड़े होते हैं यदि देश में युद्ध हो तो उसका असर व्यापार पर अवश्य पड़ता है।

इस अवसर पर प्रोफेसर आरपी गुप्ता जी रजिस्टर वीएमएसबी यूनिवर्सिटी जी द्वारा विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए कहा गया।

डॉ अनीता रावत जी डायरेक्टर यू एस ई आर सी देहरादून ने कहा की इस प्रकार के विषयों पर विद्यालयों में अवश्य चर्चा की जानी चाहिए।

इस अवसर पर डॉक्टर संजीव कुमार चड्ढा जी ने कहा की हमें आत्म चिंतन और अपने लक्ष्य पर दृष्टि दोनों बनाए रखना चाहिए तभी हम अपने और दुनिया के विषय में बेहतर सोच सकते हैं।

इस अवसर पर डॉ अश्वनी कुमार जी ने कहा की अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रूस बहुत बड़ा योगदान करता है और बहुत बड़े स्तर पर युद्ध से जुड़ी सामग्रियां बनाता है विश्व में रसिया का बहुत बड़ा योगदान इन क्षेत्रों में है।

इस अवसर पर जयदीप मलिक जीने कहा की युद्ध का सबसे अधिक प्रभाव ओपेक देशों पर पढ़ने वाला है क्योंकि इस युद्ध से तेल और गैस के दामों में परिवर्तन होगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक विवेक उपाध्याय जी ने कहा की युद्ध किसी भी परिस्थिति में लाभकारी नहीं हो सकता केवल विध्वंस ही लेके आता है।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम समिति के सदस्य शाहजेब आलम जी ने सभी मुख्य अतिथियों व अतिथियों का धन्यवाद किया कि उन्होंने अपना बहुमूल्य समय हमारे वेमीनार के लिए निकाला और छात्र- छात्राओं को एक नया मार्गदर्शन प्रदान किया।

सेमिनार में मुख्य वक्ताओं में डॉ आर के सिंह कुलपति पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना, बिहार, डॉक्टर यू एस रावत कुलपति श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय देहरादून, डॉ अमित अग्रवाल निर्देशक एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षण संस्थान उत्तराखंड, डॉक्टर संजीव चड्ढा विभागाध्यक्ष विधि विभाग बाबा भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ, प्रोफेसर आरपी गुप्ता कुलसचिव वीएमएसबी तकनीकी विश्वविद्यालय, डॉक्टर गिरीश चंद्र अवस्थी कुलसचिव उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, डॉक्टर दीपक भट्ट पूर्व कुलसचिव श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ,डॉ विशाल गॉड आईआईटी कानपुर आदि शिक्षाविद उपस्थित रहे।

समर्थ भारत न्यूज़

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